English English Hindi Hindi

स्मार्ट सिटी कोटा में जगह-जगह सड़ रहा कचरा, स्वच्छता सर्वेक्षण में जगह बनाना चुनौती


इस बार स्वच्छता नमूने के लिए 100 प्रतिशत वार्डों को शामिल किया गया है। पिछले वर्षों में यह आंकड़ा 40 प्रतिशत था। सर्वेक्षण के दायरे को बढ़ाने के लिए, पहली बार जिला रैंकिंग शुरू की गई है। अभी स्वायत्त शासन मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र के नगर निगम तक की हालत बुरी है।

 

कोटा. दुनिया के सबसे बड़े शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण (एसएस) का सातवां संस्करण राजस्थान सहित पूरे देश में कुछ ही दिनों में शुरू हो रहा है। इसकी थीम ‘पहले जनताÓ रखी गई है। पिछले सर्वेक्षणों में स्मार्ट सिटी कोटा बुरी तरह पिछड़ता रहा है, अभी तक कोटा नए सर्वेक्षण 2022 के लिए भी तैयार नहीं है। जगह-जगह सड़ता कचरा स्मार्ट पर बड़ा दाग है। कोटा उत्तर नगर निगम अभी तक कचरा ट्रांसफर स्टेशन तक नहीं बना पाया है। कोटा उत्तर नगर निगम क्षेत्र के बीचों बीच बृज टॉकिज में अभी तक ‘डर्टी पिक्चरÓ जारी है। कई अन्य जगहों पर अघोषित ट्रेंचिंग ग्राउंड बने हुए हैं। कोटा दक्षिण निगम ने एक कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाया है। कोटा उत्तर निगम भी इसी का उपयोग कर रहा है। स्वायत्त शासन मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र की नगर निगम की हालत बुरी है। वहीं सर्वेक्षण के दायरे को बढ़ाने के लिए, पहली बार जिला रैंकिंग शुरू की गई है। ऐसे में कोटा के दोनों निगमों को जिले के दूसरे निकायों से भी स्पद्र्धा में खरा उतरना चुनौती होगा। इसके अलावा इस बार स्वच्छता नमूने के लिए 100 प्रतिशत वार्डों को शामिल किया गया है। पिछले वर्षों में यह आंकड़ा 40 प्रतिशत था।

तैयार नहीं है राजस्थान के निकाय
स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में शहरों में अग्रणी स्वच्छता कर्मचारियों के समग्र कल्याण और स्वास्थ्य पर केंद्रित पहल को शामिल किया गया है। इस सर्वेक्षण में वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं की बात को भी प्राथमिकता दी जाएगी। हकीकत यह है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए कोटा सहित राज्य के कई निकाय अभी तैयार नहीं है।

दो नई श्रेणियां बनाई
इस साल के सर्वेक्षण में 15 हजार से कम और 15-25 हजार के बीच की जनसंख्या वाली दो श्रेणियों को शामिल किया है।

मूल्यांकन करने वालों की संख्या बढ़ेगी
स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में क्षेत्रीय मूल्यांकन के लिए पिछले साल की तुलना में दोगुनी से ज्यादा संख्या में मूल्यांकनकर्ताओं को लगाया जाएगा। सर्वेक्षण के आगामी संस्करण में दस्तावेज की डिजिटल ट्रैकिंग, स्वच्छता की जियो टैगिंग जैसे बेहतर तकनीक हस्तक्षेप और बेहतर दक्षता के लिए कचरा प्रबंधन सुविधाओं का उपयोग बढ़ेगा व जनता तक पहुंच बढ़ाने के लिए क्यूआर कोड आधारित नागरिक प्रतिक्रिया का उपयोग होगा।

सात साल से चल रहा है सर्वे
स्वच्छता सर्वेक्षण 73 शहरों में स्वच्छता के मानकों पर शहरों को श्रेणीबद्ध करने के उद्देश्य से 2016 में शुरू किया गया था। अब यह स्वच्छता सर्वेक्षण 4 हजार यूएलबी को शामिल करते हुए दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण बन गया है। इसके बाद भी कोटा इसके लिए तैयार नहीं है।

पिछले सर्वेक्षण में 5 करोड़ लोगों ने दिया था फीडबैक
सर्वेक्षण की रूपरेखा कई साल के दौरान विकसित हुई है और अब यह एक विशेष प्रबंधन टूल बन गया है, जो स्वच्छता परिणामों को प्राप्त करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन को गति देता है। वास्तविकता यह है कि एसएस 2021 का पिछला संस्करण महामारी के चलते जमीनी स्तर पर पैदा चुनौतियों के बावजूद रेकॉर्ड समय में पूरा किया गया था और इसमें 5 करोड़ नागरिकों ने प्रतिक्रिया दी थी। इसके परिणाम अभी जारी नहीं हुए हैं। इस बार के सर्वेक्षण में करीब 40 करोड़ लोगों का फीडबैक शामिल होने की संभावना है।

इन शहरों के कामकाज पर ज्यादा रहेगी नजर

राजस्थान में कोटा, अजमेर, जयपुर और उदयपुर शहर स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल हैं, ऐसे में स्वच्छता सर्वे में इन शहरों पर सबकी नजर रहेगी।

इस तरह के अवार्ड भी मिलेंगे
राज्य स्तर पर प्रेरक दौड़ के तहत प्लेटेनियम, गोल्ड, सिल्वर, ब्रॉन्ज और कॉपर की श्रेणी से शहरों को नवाजा जाएगा। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग रोकने, ठोस कचरा प्रबंधन, विकास कार्यों की डिजिटल ट्रेकिंग जैसे कई विषयों पर तेजी से प्रगति करने वाले शहर ही इस दौड़ में टिक पाएंगे।

सुधार के प्रयास कर रहे हैं
शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण के सातवें संस्करण की तैयारी की जा रही है, अभी उसकी गाइड लाइन नहीं मिली है। कोटा दक्षिण नगर निगम में सफाई व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।
– कीर्ति राठौड़, आयुक्त, कोटा दक्षिण नगर निगम

बेहतर हो रही व्यवस्थाएं
धीरे-धीरे व्यवस्थाएं बेहतर हो रही हैं। स्वच्छता की दिशा में भी योजना बनाकर कार्य करेंगे। कोटा उत्तर निगम में भी कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनेंगे। सड़कों की सफाई मशीनों से होगी। वायु प्रदूषण को कम करने की योजना पर भी कार्य शुरू किया है।
-मंजू मेहरा, महापौर, कोटा उत्तर नगर निगम

 

Leave your vote


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Log In

Forgot password?

Don't have an account? Register

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.